ममता सरकार ने CAA का विरोध किया, लेकिन केंद्र में मोदी जी की सरकार है। एक भी हिंदू शरणार्थी की नागरिकता कोई छीन नहीं सकता।
মমতা সরকার সিএএ-র বিরোধিতা করেছে, কিন্তু কেন্দ্রে মোদীজির সরকার রয়েছে। একজন হিন্দু শরণার্থীর নাগরিকত্বও কেউ কেড়ে নিতে পারবে না। pic.twitter.com/XHX3K6TD8i