सेना भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं की आँखों में देशसेवा, माँ-बाप की सेवा, घर परिवार और भविष्य के तमाम सपने होते हैं
नई सेना भर्ती योजना उन्हें क्या देगी?
4 साल बाद न हाथ में नौकरी की गारंटी, न पेंशन की सुविधा= नो रैंक, नो पेंशन@narendramodi जी युवाओं के सपनों को मत कुचलिए
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) June 16, 2022
Agnipath scheme does disservice to India's national security. Criminal to ask youth to make supreme sacrifice without any job security. Strengthen regular army recruitment. https://t.co/MvfGtDlHzjpic.twitter.com/QIqyQgdqC5
केंद्र सरकार से अपील- युवाओं को 4 साल नहीं, पूरी ज़िंदगी देश सेवा करने का मौक़ा दिया जाए। पिछले दो साल सेना में भर्तियाँ ना होने की वजह से जो overage हो गए, उन्हें भी मौक़ा दिया जाए।
देश की सुरक्षा कोई अल्पकालिक या अनौपचारिक विषय नहीं है, ये अति गंभीर व दीर्घकालिक नीति की अपेक्षा करती है। सैन्य भर्ती को लेकर जो ख़ानापूर्ति करनेवाला लापरवाह रवैया अपनाया जा रहा है, वो देश और देश के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए घातक साबित होगा। ‘अग्निपथ’ से पथ पर अग्नि न हो।
2. इनका मानना है कि सेना व सरकारी नौकरी में पेंशन लाभ आदि को समाप्त करने के लिए ही सरकार सेना में जवानों की भर्ती की संख्या को कमी के साथ-साथ मात्र चार साल के लिए सीमित कर रही है, जो घोर अनुचित तथा गरीब व ग्रामीण युवाओं व उनके परिवार के भविष्य के साथ खुला खिलवाड़ है।